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डॉलर-कॉस्ट एवरेजिंग (DCA)

डॉलर-कॉस्ट एवरेजिंग का मतलब है कीमत चाहे जो हो, तय समय पर एक तय रकम से खरीदारी करना। इसकी परिभाषा, एक उदाहरण और इसे सुरक्षित तरीके से automate करने का तरीका।

परिभाषा

एक तय समय-सारणी के मुताबिक coin की तय रकम खरीदना, जैसे हर सोमवार $40 का, कीमत चाहे जो हो। इससे कीमत कम होने पर ज़्यादा और महंगी होने पर कम खरीदते हैं।

डॉलर-कॉस्ट एवरेजिंग, यानी DCA, समय के साथ अपनी position बनाने का सबसे आसान तरीका है। आप एक रकम और schedule चुनते हैं और उस पर टिके रहते हैं। रकम तय होने की वजह से कीमत कम होने पर हर खरीद में ज़्यादा coins और कीमत ज़्यादा होने पर कम coins मिलते हैं।

उदाहरण

हर हफ़्ते $100 से, आप $50 पर 2 कॉइन, $40 पर 2.5, $25 पर 4 और फिर $50 पर 2 कॉइन खरीदते हैं। आपने 10.5 कॉइन्स के लिए कुल $400 खर्च किए, यानी हर कॉइन लगभग $38.10 का पड़ा, जबकि चारों कीमतों का साधारण औसत $41.25 था।

यह क्यों मायने रखता है

DCA निवेश का सबसे मुश्किल फैसला हटा देता है: कब खरीदना है। इसमें किसी अनुमान की ज़रूरत नहीं होती और इसे महीनों तक जारी रखना आसान है। इसकी कमज़ोरी यह है कि लंबी गिरावट के दौरान भी यह खरीदता रहता है। इसलिए एक समझदारी भरे plan में मासिक बजट और ऐसा stop rule होना चाहिए जो कीमत आपके औसत से बहुत नीचे जाने पर खरीदारी रोक दे।

TradeCorgi इसका इस्तेमाल कैसे करता है

अपना प्लान आसान शब्दों में बताएँ, जैसे "हर सोमवार $40 का ETH खरीदो; अगर ETH मेरी औसत कीमत से 15% नीचे हो, तो खरीद रोक दो"। आपका Corgi इसे एक रणनीति कार्ड में बदल देगा, जिसमें शेड्यूल, बजट और stop rule होंगे। इसका फ़ीस सहित backtest होता है और इसे पहले paper trading पर चलाया जाता है। stop rule या बजट की वजह से जो खरीद नहीं हो सकती, उसे छोड़ दिया जाता है और उसकी वजह बताई जाती है। पूरी DCA रणनीति देखें।